Feedback Form

बहुव्रीहि समास (पीतांबर)

बहुव्रीहि समास (पीतांबर)

Bahuvrihi Samas: Basic Introduction

बहुव्रीहि समास हिंदी व्याकरण का एक बहुत important part है, जो competitive exams में बार-बार पूछा जाता है। इस समास में दो शब्द मिलकर तीसरे नए अर्थ वाला शब्द बनाते हैं, लेकिन ये नए बने शब्द का अर्थ उन दोनों शब्दों में से किसी पर भी सीधे लागू नहीं होता।

जैसे – “पीत + अम्बर” से “पीतांबर” बनता है, लेकिन पीतांबर किसी अम्बर (कपड़ा) को नहीं बल्कि उस व्यक्ति को कहा जाता है जिसने पीला वस्त्र पहन रखा हो। इसी खास बात के कारण इसे बहुव्रीहि समास कहा जाता है।

Definition of Bahuvrihi Samas

बहुव्रीहि समास वह समास है जिसमें बने हुए शब्द का अर्थ किसी अन्य व्यक्ति, वस्तु या समूह पर लागू होता है, न कि मूल शब्दों पर। यानी ये समास “परक” अर्थ देता है।

Exam की language में इसे simple words में यूँ समझ लो – दो शब्द मिलकर एक नया word बनाते हैं, और उसका meaning किसी third चीज़ पर जाता है। यही बहुव्रीहि समास का core concept है।

Bahuvrihi Samas की Main पहचान

बहुव्रीहि समास की पहचान समझना बहुत easy है। नीचे points में याद रखो:

  • समास में जुड़े शब्द अपना अर्थ छोड़ देते हैं।
  • बना हुआ नया शब्द किसी third चीज़ के लिए use होता है।
  • अक्सर adjective (विशेषण) के रूप में काम करता है।
  • शब्द में गुण, लक्षण, रंग, विशेषता आदि का भाव होता है।

Bahuvrihi Samas Example (पीतांबर)

बहुव्रीहि को समझने के लिए “पीतांबर” best example है, जो exam में direct पूछा जाता है।

पीतांबर का Samas-vigrah

शब्द सामासिक विग्रह Meaning
पीतांबर पीतं अम्बरम् यस्य सः जिसने पीला वस्त्र पहना हो

यहाँ “पीत” (पीला) और “अम्बर” (वस्त्र) मिलकर “पीतांबर” बने, लेकिन अर्थ उस व्यक्ति पर गया जिसने पीला वस्त्र पहना है। इस indirect अर्थ के कारण यह बहुव्रीहि समास कहलाता है।

Bahuvrihi Samas के Basic Rules

बहुव्रीहि समास में कुछ simple rules हैं जिन्हें याद रखना exam में score बढ़ाता है।

Main Rules

  • समास में जुड़े दो शब्द अक्सर विशेषता या quality बताते हैं।
  • नया बना शब्द किसी व्यक्ति, जीव, वस्तु आदि का नाम या विशेषण बन जाता है।
  • सामासिक विग्रह के अंत में “यस्य सः” या “यस्य सा” लिखा जाता है।
  • वाक्य में यह प्रायः adjective या special noun की तरह behave करता है।

Bahuvrihi Samas कैसे पहचानें?

Exam के लिए बहुव्रीहि पहचानने की easiest trick यह है कि नया शब्द दोनों मूल शब्दों से अलग अर्थ देता हो और meaning किसी तीसरे पर जाए।

Quick Tricks

  • अगर दो शब्द आए और बने हुए शब्द में किसी गुण या रंग का भाव बन रहा है, तो वह बहुव्रीहि हो सकता है।
  • अगर विग्रह करने पर “जिसका… वह” (यस्य सः) आता है, तो यह बहुव्रीहि है।
  • नए शब्द का अर्थ मूल शब्दों पर लागू न होकर किसी अन्य व्यक्ति/चीज़ पर जाए।

Exam Point of View: बहुव्रीहि क्यों Important?

बहुव्रीहि समास लगभग हर competitive exam में पूछा जाता है — चाहे Hindi grammar section हो, descriptive paper हो या objective MCQ।

Students अक्सर confusion में पड़ जाते हैं क्योंकि बहुव्रीहि दिखने में कर्मधारय या तत्पुरुष जैसा लगता है, लेकिन इसका अर्थ परक होता है। इसलिए इसकी पहचान समझना scoring का best तरीका है।

Exam में पूछे जाने वाले Common Formats

  • सामासिक शब्द का विग्रह पूछना (जैसे – पीतांबर)।
  • दिए गए शब्द से समास का प्रकार बताना।
  • वाक्य में बहुव्रीहि पहचानना।
  • Match the following type questions।

Bahuvrihi Samas की खास बातें

बहुव्रीहि का structure और formation बहुत natural है, इसलिए ये language में expression बढ़ाता है।

  • Quality-based naming system होता है।
  • Indirect meaning देता है, जिससे शब्द और दिलचस्प बन जाते हैं।
  • Language में एक compact और effective expression बनाता है।

Bahuvrihi Samas के Important Examples

बहुव्रीहि समास को अच्छे से समझने के लिए उसके common examples याद रखना बहुत जरूरी है। Exam में अक्सर इन्हीं words से MCQs पूछे जाते हैं। नीचे ऐसे examples दिए गए हैं जो competitive exams में बार-बार repeat होते हैं।

शब्द विग्रह अर्थ
नीलकण्ठ नीलकण्ठः यस्य सः जिसका कण्ठ नीला हो
चतुर्भुज चत्वारः भुजाः यस्य सः जिसके चार भुजाएँ हों
त्रिलोचन त्रीणि लोचनानि यस्य सः जिसकी तीन आँखें हों
श्वेताश्व श्वेताः अश्वाः यस्य सः जिसके घोड़े सफेद हों
कृशानु कृशाः अनु यस्य सः कमज़ोर शरीर वाला

इनमें common pattern ये है कि हर example किसी व्यक्ति या वस्तु की quality दिखाता है, और अर्थ किसी third व्यक्ति पर जाता है। यही बहुव्रीहि की सबसे बड़ी पहचान है।

Bahuvrihi Samas के Types (Simple Explanation)

बहुव्रीहि समास को कई scholars ने types में divide किया है, ताकि students इसे आसानी से समझ सकें। Exam-based सरल division नीचे दिया गया है:

1. गुणवाची बहुव्रीहि

ये वह होते हैं जिनमें किसी गुण या quality का भाव हो। जैसे — पीतांबर, नीलकण्ठ, सुनील आदि।

2. संख्या-वाची बहुव्रीहि

जहाँ number के आधार पर विशेषता दिखाई जाती हो, जैसे — त्रिलोचन, चतुर्भुज।

3. रूप-वाची बहुव्रीहि

शारीरिक बनावट या किसी appearance को दिखाने वाले शब्द, जैसे — कृशानु, विशालाक्ष, लम्बोदर।

4. रंग-वाची बहुव्रीहि

रंग से संबंधित विशेषता बताने वाले, जैसे — श्वेताश्व, कृष्णवर्ण, अरुणलोचन।

Exam के अनुसार ये classification बहुत useful है क्योंकि कई बार paper में direct पूछा जाता है कि बहुव्रीहि का कौन-सा form है।

Bahuvrihi Samas कैसे बनता है? (Formation Process)

बहुव्रीहि formation को simple steps में ऐसे समझो:

  • पहले दो words होते हैं — एक quality बताता है और दूसरा noun होता है।
  • दोनों words मिलकर एक compact शब्द बनाते हैं।
  • नया शब्द किसी third चीज़ पर meaning देता है।
  • विग्रह करते समय “यस्य सः/या” का प्रयोग होता है।

Example — “पीत + अम्बर” मिलकर “पीतांबर” बना और उसका अर्थ उस व्यक्ति पर गया जो पीला वस्त्र पहनता है।

Sentence में Bahuvrihi Samas का प्रयोग

बहुव्रीहि words sentence में अक्सर adjective या special noun की तरह use होते हैं। देखो कुछ छोटे examples:

  • पीतांबर खड़े होकर सभी को आशीर्वाद दे रहे थे।
  • त्रिलोचन देव की पूजा की जाती है।
  • श्वेताश्व रथ बहुत तेज चलता है।

ये sentences दिखाते हैं कि बहुव्रीहि शब्द किसी व्यक्ति की overall पहचान बन जाते हैं।

Students की Common Mistakes

बहुव्रीहि समास को सीखते समय students कुछ errors अक्सर करते हैं। Exam में इन्हें avoid करना scoring के लिए जरूरी है।

  • मूल शब्दों का अर्थ ही final मान लेना—जबकि final meaning हमेशा third person पर जाता है।
  • तत्पुरुष या कर्मधारय से confuse हो जाना—बहुव्रीहि हमेशा परक अर्थ देता है।
  • विग्रह में “यस्य सः” न लिखना—विग्रह incomplete हो जाता है।

बहुव्रीहि समास – Quick Notes (Exam Ready)

  • Meaning हमेशा किसी third person पर जाता है।
  • विग्रह में “यस्य सः/सा” का use compulsory है।
  • शब्द में गुण, रूप, संख्या या रंग का भाव होता है।
  • Structure compact और quality-based होता है।
  • पीतांबर, नीलकण्ठ, त्रिलोचन, चतुर्भुज जैसे words सबसे ज़्यादा पूछे जाते हैं।

इन notes को पढ़कर बहुव्रीहि समास आपका पूरा clear हो जाएगा और exam में किसी भी tricky question को आसानी से solve कर पाओगे।